Planets Name In Hindi | ग्रह किसे कहते है?, नाम, परिभाषा, उदाहरण

ग्रह किसे कहते है? | Planets Name In Hindi

Planets Name In Hindi:- ग्रह एक विज्ञानिक शब्द है जिसका उपयोग खगोल विज्ञान (एस्ट्रॉनॉमी) में किया जाता है। इसका शाब्दिक अर्थ होता है “ग्रह” या “गोलाकार वस्तु”। ग्रह की परिभाषा यह है कि यह सौरमंडल में एक स्थिर नक्षत्र के आसपास चक्कर लगाता है और इसे सौरमंडल की गति पर प्रभावित करता है। आपको मानव इतिहास में सौरमंडल के छह ग्रहों (मंगल, बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि) के बारे में ज्ञात होगा। इसके अलावा, सौरमंडल में और भी कई अन्य छोटे ग्रह, उपग्रह, उपनगर और अन्य संघटनाएं होती हैं जिन्हें ग्रह के तौर पर शामिल नहीं किया जाता है।

Planets Name In Hindi

SR No.Planet Name in EnglishPlanets Name In Hindi
1.Mercuryबुध
2.Venusशुक्र
3.Earthपृथ्वी
4.Marsमंगल
5.Jupiterबृहस्पति
6.Saturnशनि
7.Uranusअरुण
8.Neptuneवरुण
1. Mercury Planet (बुध ग्रह)

बुध ग्रह या मर्क्युरी (Mercury) सौर मंडल का सबसे निकट ग्रह है। यह ग्रह इतना निकट है कि इसके उच्चारण में दिक्कत हो सकती है। इसे हिंदी में ‘बुध’ नाम से भी जाना जाता है। यह ग्रह धूमकेतु है, जिसका अर्थ होता है कि इसे सौर मंडल के अन्य ग्रहों के मुकाबले बहुत कम परमाणु तत्वों का संघटित घटक मात्रा मिली है।

यह ग्रह बुधहिन मंडल का सबसे छोटा ग्रह है। यह ग्रह सूर्य के आस-पास का आठवाँ ग्रह है, और यह अपने चक्रवाती पथ पर सूर्य के चारों ओर घूमता है। इसका चक्रवाती गतिशीलता अर्धदिवसीय है, जिसका मतलब है कि यह 88 दिनों में एक बार अपने चक्रवाती पथ को पूरा करता है। इसलिए, बुध ग्रह के दिन और रात लगभग 176 दिन लम्बे होते हैं।

बुध ग्रह का तापमान बहुत विपरीत होता है। यह ग्रह सूर्य के पास स्थित होने के कारण अत्यधिक गर्म होता है, औसत तापमान 430 डिग्री सेल्सियस होता है। इसके अलावा, बुध ग्रह पर कोई वायुमंडल नहीं होता है, इसलिए यह ग्रह बिना हवा के होता है। इसका कारण है कि इस पर मानवों के लिए निवास करना असंभव है।

बुध ग्रह का वातावरण खुराकी होता है, जिसमें आपात धूल और रेखांकन वाली संकेत ग्रंथि मिलती है। यह धूमकेतु सूर्य से बहुत अधिक प्रभावित होता है, जिसके कारण इस पर खुराकी होने वाली संकेत ग्रंथि की संख्या बड़ी होती है।

इसके अलावा, बुध ग्रह में कोई मौसमी परिवर्तन नहीं होते हैं और यह सूर्य की किरणों के बहुत अधिक प्रभाव में होता है। इसके कारण इस पर सदैव एक तरफ दिन और एक तरफ रात होती है।

बुध ग्रह का वैज्ञानिक अध्ययन इसके चित्रण मिशन, जैसे कि NASA के मैर्क्युरी सर्वेक्षणर और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) के मार्क-2 मिशन द्वारा किया गया है। इन मिशनों द्वारा हमारे वैज्ञानिकों ने बुध ग्रह के अध्ययन के बारे में बहुत सारी नई जानकारी प्राप्त की है।

2. Venus Planet (शुक्र ग्रह)

शुक्र ग्रह, सौर मंडल का दूसरा ग्रह है और इसे हिंदी में “शुक्र” के नाम से भी जाना जाता है। यह ग्रह सूर्य के चारों ओर घूमने वाला ग्रह है और सूर्य के बाद सबसे गर्म ग्रह है। इसकी दूसरी विशेषता यह है कि यह बिना अपने वातावरण की जीवित योजना के बिना ग्रह है।

शुक्र ग्रह धूमकेतु है, जिसका अर्थ है कि इसका अधिकांश घटक पात्रिका तत्वों से मिलकर बना हुआ है। इसका वातावरण घना है और यह वायुमंडल का सबसे गहरा घटक है। शुक्र ग्रह का आपात धूल और ग्रह की सतह पर कार्बन डाइऑक्साइड की अधिक मात्रा होती है।

शुक्र ग्रह पर अत्यधिक तापमान होता है, औसत तापमान 470 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है, जो सामान्य जीवन के लिए असह्य होता है। इसका कारण है कि शुक्र ग्रह पर जीवन नहीं हो सकता है। इसके अलावा, शुक्र ग्रह का वातावरण अत्यधिक अस्थिर होता है, जिसके कारण यहां अधिक गतिशील हवाओं और बादलों की अभाव होती है।

शुक्र ग्रह की सतह पर भूरे और गहरे मेघ पाए जाते हैं, जो चमकदार होते हैं और सूर्य की प्रकाश को वापस भित्ति करते हैं। इसके अलावा, यह ग्रह विशाल और ऊंचे नगरों और पहाड़ियों के साथ खासा सुंदर होता है।

शुक्र ग्रह पर वैज्ञानिक मिशन, जैसे कि NASA के मैगेलन मिशन और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) के वेनस ऑर्बिटर मिशन द्वारा अध्ययन किया गया है। इन मिशनों द्वारा हमने शुक्र ग्रह के विभिन्न पहलुओं के बारे में नई जानकारी प्राप्त की है।

3. Earth Planet (पृथ्वी ग्रह)

पृथ्वी ग्रह हमारी माता भूमि है और सौर मंडल का तीसरा ग्रह है। हिंदी में इसे “पृथ्वी” के नाम से भी जाना जाता है। पृथ्वी एक आदर्श ग्रह है जो जीवन के लिए संतुष्ट करने के लिए एक उचित तापमान, वायुमंडल, और पानी प्रदान करता है। यह अपनी वस्त्री सतह के कारण नीला प्रतीत होता है और इसका एक विशेषता है कि यह जीवन का आवास स्थल है।

पृथ्वी एक गोलाकार ग्रह है जिसका व्यास लगभग 12,742 किलोमीटर है। इसका चक्रवाती गतिशीलता 24 घंटे की है, जिसका कारण है कि हम दिन और रात का अनुभव करते हैं। पृथ्वी की ऊर्ध्वाधर गतिशीलता के कारण मौसमी परिवर्तन, मौसम, मौसमी घटनाएं और ऋतुएँ होती हैं।

पृथ्वी ग्रह पर जीवन का विकास हुआ है और यह विविधता से भरा हुआ है। यहां अनेक प्रकार के प्राणियों, पौधों, और माइक्रोबियल जीवों का विविधता समृद्ध है। पृथ्वी के सतह पर आकाशीय नीला पानी, महासागर, नदियाँ, पहाड़, जंगल, मैदान, और अनेक प्रकार के जीवनी पर्यावरण पाए जाते हैं।

पृथ्वी एकाधिपति ग्रह है और सूर्य के चारों ओर घूमता है। इसका गति सूर्य के चारों ओरी घूमते हुए प्रति साल लगभग 365 दिन है, जिसे हम साल के रूप में जानते हैं।

पृथ्वी ग्रह वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसके अध्ययन के लिए विभिन्न उपग्रह, उपयोगी वाहन और उपग्रही चित्रण मिशन, जैसे कि NASA के एपोलो मिशन, मर्सरी मिशन और मार्स प्रोब, और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) के चंद्रयान मिशन और मंगलयान मिशन आदि आयोजित किए गए हैं। इन मिशनों द्वारा हमने पृथ्वी के वैज्ञानिक, मौसमी, जलवायु, जीवन, और भूगोलिक प्रक्रियाओं को बेहतर समझा है।

4. Mars Planet (मंगल ग्रह)

मंगल ग्रह, सौर मंडल का चौथा ग्रह है और हिंदी में इसे “मंगल” के नाम से भी जाना जाता है। यह ग्रह बृहस्पति और शनि के बाद सौर मंडल में स्थित होने के कारण बाहरी ग्रहों में से एक है। मंगल ग्रह एक रूद्धिवादी ग्रह माना जाता है और इसे लाल ग्रह भी कहा जाता है जिसकी वजह से इसे बहुत पहचाना जाता है।

मंगल ग्रह का आकार पृथ्वी के आकार के करीब आधा है। इसकी ऊर्ध्वाधर गतिशीलता पृथ्वी की ऊर्ध्वाधर गतिशीलता के बहुत करीब १६८% है, जिसका कारण है कि इसका दिन लगभग २४ घंटे ३९ मिनट का होता है। मंगल ग्रह का तापमान बहुत नीचा होता है, औसत तापमान -६३ डिग्री सेल्सियस है। इसका कारण है कि यह बहुत ठंडा ग्रह माना जाता है।

मंगल ग्रह पर वायुमंडल बहुत छोटा है और इसमें प्राथमिक रूप से कार्बन डाइऑक्साइड होता है। इसका कारण है कि इस ग्रह पर वायुमंडलीय अवस्था और मौसम की अभाव होती है। इसके अलावा, मंगल ग्रह पर खुराकी वाली संकेत ग्रंथि और उत्क्रमणीय धूल पाई जाती है।

मंगल ग्रह का सतह खुराकी और धूसर दिखता है और इस पर विशाल मार्ग, गहरे नाले, बादल और जंगल पाए जाते हैं। इसके अलावा, मंगल ग्रह पर नदियों, बारिश और बर्फ की अभाव होती है।

मंगल ग्रह का वैज्ञानिक अध्ययन महत्वपूर्ण है और इसे विभिन्न मिशनों के माध्यम से अध्ययन किया गया है। NASA (National Aeronautics and Space Administration) के मंगल ग्रह सँडर की प्रतिष्ठित मिशन “क्यूरियोसिटी” और “इंसाइट” हैं। इसके अलावा, इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने “मंगलयान” मिशन को सफलतापूर्वक लांच किया है। ये मिशनों ने हमें मंगल ग्रह के वातावरण, भूगोल, जीवन की संभावना और उसकी ऐतिहासिक प्रक्रियाओं के बारे में नई जानकारी प्रदान की है।

5. Jupiter Planet (बृहस्पति ग्रह)

बृहस्पति ग्रह या गुरु (Jupiter) सौर मंडल का पांचवां ग्रह है और हिंदी में इसे “बृहस्पति” के नाम से भी जाना जाता है। यह ग्रह सूर्य के चारों ओर घूमने वाला ग्रह है और सौर मंडल में सबसे बड़ा ग्रह है। बृहस्पति ग्रह वृहत्तम ग्रह कहलाता है और इसका आकार पृथ्वी के आकार के लगभग 11 गुना है।

बृहस्पति ग्रह एक गैसीय ग्रह है और इसकी वस्त्री सतह विशाल गैसीय मेघों से ढ़की होती है। इसका रंग पीला और धूसर होता है और इसके गैसीय वायुमंडल में आकाशीय रंगों की पट्टियाँ होती हैं।

बृहस्पति ग्रह का तापमान बहुत उच्च होता है, औसत तापमान -145 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है। यह ग्रह एक अविश्वसनीयता है क्योंकि यह सूर्य की प्रकाशमान किरणों को बहुत अधिक प्राप्त करता है और गर्म ग्रह होता है।

बृहस्पति ग्रह पर वायुमंडल में बहुत बड़े ग्रहपात होते हैं और इसमें महान आवाजों की गतिशीलता होती है। इसका कारण है कि बृहस्पति ग्रह पर तेज़ हवाएं और ज़ोरदार तूफान होते हैं।

बृहस्पति ग्रह पर कई बार दर्शनीय विशेषताएं पाई जाती हैं। इसमें बड़े लिफाफों जैसे बंदरदार पट्टे होते हैं और यहां कई विविध बंदर, पक्षियों, और अन्य जीवों की प्रजातियां पाई जाती हैं। बृहस्पति ग्रह एक विज्ञानी और खोज केंद्र का अध्ययन का मुख्य केंद्र है और इसकी वैज्ञानिक खोज के लिए कई मिशनों को आयोजित किया गया है।

नासा (NASA) ने बृहस्पति ग्रह के अध्ययन के लिए जूनो मिशन को लांच किया है, जो ग्रह के पास से गुजरते हुए उपग्रह के माध्यम से वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करता है। इसके अलावा, इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) ने मंगलयान-2 मिशन को आयोजित किया है, जिसके माध्यम से वह बृहस्पति ग्रह की खोज करने का प्रयास कर रही है।

6. Saturn Planet (शनि ग्रह)

शनि ग्रह या शनि (Saturn) सौर मंडल का छठा ग्रह है और हिंदी में इसे “शनि” के नाम से भी जाना जाता है। यह ग्रह सूर्य के चारों ओर घूमता है और सौर मंडल में सबसे बड़ा छक्का है।

शनि ग्रह का एक महत्वपूर्ण विशेषता है उसके छक्के (Rings) हैं। यह छक्का एक मिश्रण है जिसमें बर्फ, धूल, और चट्टानीय ग्रहण वस्त्री होती है। शनि ग्रह के छक्कों के कारण यह ग्रह विशेष रूप से पहचाना जाता है।

शनि ग्रह एक गैसीय ग्रह है और इसकी वस्त्री सतह विशाल गैसीय मेघों से ढ़की होती है। यह ग्रह पीले और गोरे रंग का प्रतीत होता है।

शनि ग्रह का आकार पृथ्वी के आकार के करीब 9 गुना है। इसका चक्रवाती गतिशीलता धीमी होती है, औसत गति 29.5 वर्षों की होती है। इसका कारण है कि एक व्यक्ति को एक शनि वर्ष तक पूरी ग्रह का चक्रवाती पथ देखने का समय लगता है।

शनि ग्रह पर गहरी वायुमंडलीय गतिशीलता होती है और यहां बड़े तूफान और हवाएं होती हैं। इसका कारण है कि शनि ग्रह के दक्षिणी और उत्तरी ध्रुव पर प्रकाशीय विचित्र नक्षत्र दिखाई देते हैं और उन्हें शनि के छक्के के साथ जोड़ते हैं।

शनि ग्रह पर खुराकी और धूसर दिखता है और यहां बहुत बड़े पहाड़, तालाब, और झील पाए जाते हैं। इसके अलावा, इस ग्रह पर धूली और बर्फीले पठार भी होते हैं।

शनि ग्रह का वैज्ञानिक अध्ययन महत्वपूर्ण है और इसे विभिन्न उपग्रहों और उपयोगी वाहन के माध्यम से अध्ययन किया गया है। नासा (NASA) ने शनि ग्रह के अध्ययन के लिए कैसिनी-हुयगेंस मिशन को आयोजित किया है, जिसने बड़ी सफलता हासिल की है। इस मिशन के माध्यम से हमें शनि ग्रह के छक्कों, वायुमंडल, और उसकी उत्पत्ति के बारे में नई जानकारी मिली है।

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7. Uranus Planet (अरुण ग्रह)

अरुण ग्रह (Uranus) सौर मंडल का सातवां ग्रह है और हिंदी में इसे “अरुण” के नाम से भी जाना जाता है। यह एक गैसीय ग्रह है और सौर मंडल के ग्रहों में सबसे दूरी पर स्थित है।

अरुण ग्रह को उन्नति और अल्पता का प्रतीक माना जाता है। इसकी वस्त्री सतह विशाल गैसीय मेघों से ढ़की होती है और यह ग्रह सफेद और आकाशीय रंग का प्रतीत होता है।

अरुण ग्रह का आकार पृथ्वी के आकार के करीब 4 गुना है। इसका चक्रवाती गतिशीलता धीमी होती है, औसत गति 84 वर्षों की होती है। इसका कारण है कि इसे एक बार में पूरी दुनिया को घूमने में बहुत समय लगता है।

अरुण ग्रह पर गहरी वायुमंडलीय गतिशीलता होती है और इसमें बादल और तूफान होते हैं। इसका कारण है कि इस ग्रह के ऊपरी तत्व तेज़ गति से चक्रवाती होते हैं और आकाश में बहुत रंगीन घटनाएं देखी जाती हैं।

अरुण ग्रह की विशेषता है उसके अद्वितीय ढ़ालों की मौजूदगी। इसके छक्के अनूठे हैं और विभिन्न अवस्थाएं और अवधारणाएं लेते हैं। इन छक्कों को उपग्रहों और अवकाशीय वाहनों द्वारा अध्ययन किया गया है और हमें अरुण ग्रह की बारीकियों और विशेषताओं के बारे में ज्ञान मिला है।

अरुण ग्रह पर वैज्ञानिक अध्ययन महत्वपूर्ण है और इसे नासा (NASA) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा अध्ययन किया जा रहा है। इसके अलावा, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भी चंद्रयान-2 मिशन के दौरान अरुण ग्रह की अध्ययन की गतिविधियों को सफलतापूर्वक किया है।

8. Neptune Planet (वरुण ग्रह)

वरुण ग्रह (Neptune) सौर मंडल का अस्थायी आकार वाला छठा और दूसरा बड़ा ग्रह है। इसे शुभ्र का देवता माना जाता है और हिंदी में इसे “वरुण” के नाम से भी जाना जाता है।

वरुण ग्रह एक गैसीय ग्रह है और इसकी वस्त्री सतह विशाल गैसीय मेघों से ढ़की होती है। इसका रंग आसमानी नीला होता है, जिसका कारण इसे आकाशीय नीला ग्रह भी कहा जाता है।

वरुण ग्रह का आकार पृथ्वी के आकार के करीब 3.9 गुना है। इसका चक्रवाती गतिशीलता धीमी होती है, औसत गति 165 वर्षों की होती है।

वरुण ग्रह एक बहुत ठंडा ग्रह है, औसत तापमान -200 डिग्री सेल्सियस होता है। इसका कारण है कि इस पर बर्फीली सतह और तेज़ हवाएं होती हैं।

वरुण ग्रह पर भारी वायुमंडलीय गतिशीलता होती है और यहां महान तूफान और बादलों की गतिशीलता देखी जाती है। इसका कारण है कि वरुण ग्रह के दक्षिणी और उत्तरी ध्रुव पर आकाशीय बादलों की नीली पट्टीदार पठारें दिखाई देती हैं।

वरुण ग्रह पर वैज्ञानिक अध्ययन महत्वपूर्ण है और इसे विभिन्न उपग्रहों और उपयोगी वाहनों के माध्यम से अध्ययन किया जा रहा है। नासा (NASA) ने वॉयजर मिशन के दौरान वरुण ग्रह का अध्ययन किया है, जिससे हमें इस ग्रह की बारीकियों, तापमान, वायुमंडल, और उसकी उत्पत्ति के बारे में नई जानकारी मिली है।

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